लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनानथ ने मंगलवार को लोक भवन, लखनऊ में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति पर समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश के लिए अब तक स्वीकृत 552 ऑक्सीजन प्लांट में से 275 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हो गए हैं।
समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के संबंध में भविष्य के आकलन के दृष्टिगत चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से किया जाए। सभी जनपदों में PICU व NICU बेड तीव्र गति से स्थापित किए जाएं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत दिवस लखनऊ में 11 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें मलिहाबाद क्षेत्र से चार लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं, इनके सम्पर्क में आए लोगों की गहन कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई गई, जिनमें कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं पाया गया।
रिव्यू मीटिंग में सीएम योगी ने कहा कि जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोविड और नॉन कोविड मरीजों की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में 04 पुलिस कमिश्नरेट का गठन किया गया है। कानून-व्यवस्था में हुए सुधार का आकलन करने के लिए अपर मुख्य सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक सभी पुलिस कमिश्नरेट के कार्यों की समीक्षा करें।
सीएम योगी ने आगे कहा कि गो-आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। प्रत्येक गो-आश्रय स्थल की एक पशु चिकित्सा अधिकारी व एक राजस्व अधिकारी द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
सीएम ने कहा कि खाद्य वस्तुओं के स्टॉकिस्ट निर्धारित सीमा तक ही वस्तुओं को संग्रहित करें। यदि तय सीमा से अधिक खाद्य वस्तुओं का संग्रहण किया जाता है, तो ऐसे जमाखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।