ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के प्रस्तावित अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के वरिष्ठ कमांडर जनरल अहमद वाहिदी लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में उन्हें अंतिम संस्कार की तैयारियों से जुड़ी बैठक में हिस्सा लेते और बाद में तेहरान में आयोजित एक शोक सभा में खामेनेई के ताबूत के पास बैठे देखा गया।
रणनीतिक बैठकों में निभा रहे अहम भूमिका
रिपोर्टों के अनुसार, जनरल अहमद वाहिदी उन प्रमुख अधिकारियों में शामिल हैं जो अमेरिका के साथ संभावित वार्ता को लेकर ईरान की रणनीति तैयार कर रहे हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि उनकी पहुंच ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई तक सीधे है और वह शीर्ष स्तर के निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। साथ ही दावा किया गया है कि 28 फरवरी को इजरायली हमलों में अली खामेनेई की मौत हुई थी और उसी दौरान मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शोक सभा में उमड़ी भीड़
ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो में तेहरान स्थित खामेनेई परिसर की हुसैनिया के पास आयोजित शोक सभा दिखाई गई। समारोह में अली खामेनेई का पार्थिव शरीर ताबूत में मंच पर रखा गया था। ताबूत के सामने लाल ट्यूलिप के फूल सजाए गए थे, जबकि परिसर को धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था।
सरकारी मीडिया के अनुसार, शोक सभा में काले वस्त्र पहने बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इनमें हालिया संघर्षों और युद्ध में अपने परिजनों को खोने वाले परिवार भी मौजूद थे। श्रद्धांजलि के दौरान कई लोगों ने अपने स्कार्फ और अन्य वस्तुएं ताबूत की ओर उछालीं, जिन्हें सहयोगियों ने ताबूत से स्पर्श कराकर वापस लौटाया। ईरान में इसे श्रद्धा व्यक्त करने की पारंपरिक धार्मिक परंपरा माना जाता है।
‘या हुसैन’ वाले झंडे से ढका गया ताबूत
बाद में जारी तस्वीरों में अली खामेनेई के ताबूत को लाल रंग के उस झंडे से ढका हुआ दिखाया गया, जिस पर सफेद अक्षरों में ‘या हुसैन’ लिखा था। शिया समुदाय में यह वाक्य इमाम हुसैन की शहादत की याद में श्रद्धा और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। बताया गया कि यह झंडा पहले इराक के करबला स्थित इमाम हुसैन की दरगाह पर फहराया गया था।
कई दिनों तक चलेगा अंतिम संस्कार
रिपोर्टों के मुताबिक, अली खामेनेई का अंतिम संस्कार शनिवार से शुरू होगा और यह कई दिनों तक चलेगा। इस दौरान उनके पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न शहरों के अलावा पड़ोसी देश इराक भी ले जाने की योजना है। अंतिम संस्कार की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला से होगी। प्रशासन ने श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के मद्देनजर राजधानी की कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और सामान्य गतिविधियों के प्रभावित होने की संभावना जताई है।