तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने एक साक्षात्कार में दावा किया कि यदि वह चाहें तो ईरान के शीर्ष नेतृत्व को एक ही हमले में निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कदम नहीं उठाया जाएगा, क्योंकि इसके बाद बातचीत की कोई संभावना नहीं बचेगी।
न्यूज वेबसाइट Axios को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व इस समय अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में एक साथ मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका चाहे तो उन्हें एक ही कार्रवाई में निशाना बना सकता है। साथ ही उन्होंने अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि बड़ी संख्या में लोग शोक व्यक्त करते नजर आए।
दिए गए विवरण के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के कथित संयुक्त सैन्य अभियान में हुई थी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए, जबकि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई घायल हुए और बाद में उन्हें नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में जारी संघर्ष और सुरक्षा परिस्थितियों के कारण अंतिम संस्कार तत्काल नहीं हो सका। इसके बाद पार्थिव शरीर को सुरक्षित रखा गया और अब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई है। बताया गया है कि 9 जुलाई को उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़े राजकीय कार्यक्रम 3 जुलाई से तेहरान में शुरू हुए, जहां पार्थिव शरीर को आम लोगों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के दर्शन के लिए रखा गया। 6 जुलाई को राजधानी की प्रमुख सड़कों पर अंतिम यात्रा निकाले जाने और 9 जुलाई को मशहद में दफन किए जाने की बात भी कही गई है।