इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम पहल शुरू हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति J. D. Vance विशेष विमान से पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जहां वे उच्चस्तरीय शांति वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस बातचीत में हिस्सा ले रहा है। इस टीम में Jared Kushner, पश्चिम एशिया मामलों के विशेष दूत Steve Witkoff और वाइस एडमिरल Brad Cooper शामिल हैं।
कार्यक्रम के अनुसार, वेंस सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से मुलाकात करेंगे। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होगी, जिसमें संभावित शांति समझौते पर चर्चा की जाएगी। इस वार्ता का मकसद क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना है, खासतौर पर अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच हालिया टकराव के बाद। माना जा रहा है कि यह बातचीत स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है।
रवाना होने से पहले वेंस ने संकेत दिए कि अमेरिका सकारात्मक रुख के साथ बातचीत में शामिल हो रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी तरह की नकारात्मक रणनीति पर सख्ती से जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया की मेजबानी कर रहा है। राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं।
वहीं, ईरान की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi कर रहे हैं। उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और संसद सदस्य भी मौजूद हैं। गौरतलब है कि हाल के महीनों में बढ़े तनाव के बाद दोनों पक्षों के बीच अस्थायी युद्धविराम हुआ था। अब स्थायी शांति के लिए यह सीधी बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस बैठक के नतीजों पर टिकी हुई हैं।