मणिपुर में मंगलवार तड़के 5.2 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिसके झटके नागालैंड, असम और मेघालय तक महसूस किए गए। National Center for Seismology के अनुसार, यह भूकंप सुबह 5:59:33 बजे आया और इसका केंद्र कामजोंग में स्थित था। भूकंप की गहराई लगभग 62 किलोमीटर दर्ज की गई। सुबह-सुबह आए झटकों से घबराकर लोग घरों से बाहर निकल आए, हालांकि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
इधर, मणिपुर पहले से ही हिंसा और अशांति की स्थिति से जूझ रहा है, जिससे हालात और संवेदनशील बने हुए हैं। राज्य में बंद, विरोध प्रदर्शन और हत्याओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में दो बच्चों और कुछ नागरिकों की हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों ने बंद का आह्वान किया था, जिसका असर कई जिलों में देखा गया। मैतेई बहुल घाटी के पांचों जिलों के साथ-साथ नागा बहुल उखरुल और सेनापति जिलों में स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
राजधानी इम्फाल में उरीपोक और नागरम समेत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। महिलाओं के समूह मीरा पैबिस ने बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में 7 अप्रैल को हुए बम हमले के विरोध में पांच दिवसीय बंद का आह्वान किया है। इस हमले में सोते समय एक पांच वर्षीय बच्चे और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां घायल हो गई थी।
इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। एक भीड़ ने पास के सीआरपीएफ शिविर पर धावा बोलने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों को गोलीबारी करनी पड़ी। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 अन्य घायल हो गए। राज्य में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।