पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को पीड़ितों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना। इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। इससे पहले अमित शाह ने कालीघाट स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना की। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। घटना के बाद अमित शाह ने दुर्गा पूजा पंडालों में जाने का अपना निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिया था। वह पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं।
पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत 7 गिरफ्तार
भगदड़ के मामले में पुलिस ने पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में पंडाल के बांस के ढांचे के निर्माण, भीड़ नियंत्रण, VIP पास की जांच और निजी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोग शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा (48): चोरबागान पूजा समिति के सचिव
- शांतनु दुबे (55): पूजा समिति के उपाध्यक्ष
- बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय (48): पंडाल के बांस के ढांचे के निर्माण से जुड़े
- कौशिक साहा (53): भीड़ नियंत्रण और VIP पास की जांच की जिम्मेदारी
- पिंटू डे (51): भीड़ नियंत्रित करने की जिम्मेदारी
- सुमन चक्रवर्ती (30): निजी सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी
- राजेश पाल (29): निजी सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी
पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए किए गए इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।
बारिश से बचने के लिए पंडाल में घुसने की कोशिश, फिर मची भगदड़
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम अचानक बारिश शुरू होने के बाद लोग उससे बचने के लिए पंडाल के अंदर जाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान एग्जिट गेट के पास भीड़ का दबाव बढ़ गया और अफरा-तफरी मच गई।
शुरुआती इनपुट में निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों की ओर से सीटी बजाने और माइक पर VIP पास को लेकर घोषणा किए जाने का भी जिक्र है। हालांकि, भगदड़ की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एंट्री-एग्जिट गेट और भीड़ प्रबंधन की जांच
जांच एजेंसियां पंडाल के प्रवेश और निकास मार्गों की चौड़ाई, भीड़ प्रबंधन तथा सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल कर रही हैं। यह भी जांच का विषय है कि बारिश के दौरान भीड़ को संभालने के लिए क्या व्यवस्था की गई थी और निकास द्वार के पास हालात बेकाबू कैसे हुए।