नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में केंद्र सरकार ने NEET परीक्षा और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया और कहा कि सरकार विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं इस पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘हमें उनका लेक्चर नहीं सुनना है। पहले ये बताएं कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं। उन्होंने आदेश नहीं दिया तो वे इस्तीफा दें।
लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
अमित शाह ने अपने पत्र में कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सरकार की ओर से NEET परीक्षा और छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए सहमति दे चुके हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मौजूदा सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन उस दौरान विपक्ष की ओर से NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं की गई।
‘चर्चा में खुद रहूंगा मौजूद’
गृह मंत्री ने कहा कि यदि सदन में इस विषय पर चर्चा होती है तो वह स्वयं उपस्थित रहेंगे और विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि विपक्ष से बातचीत कर आपसी सहमति के आधार पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय तय किया जाए।
‘लोकतंत्र में संवाद ही समाधान का रास्ता’
अमित शाह ने अपने पत्र में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी विवाद या महत्वपूर्ण विषय का समाधान चर्चा और संवाद के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि संसद विचार-विमर्श का सर्वोच्च मंच है और ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सभी दलों के सांसदों को अपने विचार रखने का अवसर मिलना चाहिए।
सरकार ने जताई सकारात्मक मंशा
सरकार का कहना है कि वह NEET परीक्षा, छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली से जुड़े सभी पहलुओं पर सदन में खुली चर्चा के पक्ष में है। यदि विपक्ष सहमत होता है तो इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत बहस कराई जा सकती है।