मुंबई के मीरा रोड इलाके में दो सिक्योरिटी गार्डों पर हुए हमले ने सनसनी फैला दी है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी जैब जुबैर अंसारी (31) पर आरोप है कि उसने गार्डों से नाम और धर्म पूछने के बाद उन्हें कलमा पढ़ने को कहा और इनकार करने पर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि मामले में आतंकी एंगल की आशंका को देखते हुए जांच महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वाड को सौंप दी गई है।
घटना के बाद एटीएस ने मुंबई और ठाणे में आरोपी से जुड़े तीन ठिकानों पर छापेमारी की। कुर्ला और मीरा रोड स्थित ठिकानों से मोबाइल, लैपटॉप, टैब और पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। इसके अलावा कुछ दस्तावेज और संदिग्ध साहित्य भी बरामद हुआ है।
जांच के दौरान आरोपी के घर से कथित तौर पर ISIS से जुड़ी संदिग्ध सामग्री मिलने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, हाथ से लिखे कुछ नोट्स भी मिले हैं, जिनमें आरोपी ने खुद को किसी आतंकी संगठन से जोड़ने की इच्छा जताई थी। एक नोट में उसने इस हमले को आतंकी संगठन में शामिल होने की दिशा में “पहला कदम” बताया है। इन नोट्स में “लोन वुल्फ”, “जिहाद” और “गाजा” जैसे शब्दों का उल्लेख भी मिला है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने गार्डों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया था। एटीएस को शक है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हो चुका था और ऑनलाइन भड़काऊ सामग्री देख रहा था। एजेंसी इस मामले को ‘लोन वुल्फ अटैक’ के एंगल से भी जांच रही है। साथ ही आरोपी की मानसिक स्थिति, सामाजिक पृष्ठभूमि और आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, जुबैर अंसारी मुंबई के कुर्ला इलाके का रहने वाला है और साइंस ग्रेजुएट है। वह कई साल तक अमेरिका में रहा, लेकिन नौकरी न मिलने के कारण भारत लौट आया था। मीरा रोड में वह अकेले रह रहा था और ऑनलाइन केमिस्ट्री क्लासेस के साथ नौकरी की तलाश कर रहा था।
यह घटना मीरा रोड के नयानगर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में 27 अप्रैल को सुबह करीब 4 बजे हुई। घायल दोनों गार्डों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसकी सर्जरी की गई है। नयानगर पुलिस स्टेशन में इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर महज डेढ़ घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया।