नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है। खड़गे का कहना है कि यह जश्न का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और छात्रों के अधिकारों पर सवाल उठाने का समय है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में खड़गे ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे छात्रों के साथ हुई कार्रवाई बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं की बात सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संदेश में उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में व्यक्तिगत उत्सव मनाने के बजाय छात्रों के मुद्दों और लोकतांत्रिक जवाबदेही पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है।
खड़गे ने केंद्र सरकार से कई सवाल भी पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग की नौबत क्यों आई, संसद परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी क्यों की गई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए विवादों की जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने मांग की कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की जरूरत पर जोर देते हुए सुरक्षित डिजिटल प्रश्न बैंक, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, योग्यता आधारित शिक्षा प्रणाली और परीक्षा में गड़बड़ी की स्थिति में दोबारा परीक्षा कराने जैसी व्यवस्थाएं लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।