केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ बुधवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। तिरुवनंतपुरम में CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए एजेंसी की गाड़ी पर पथराव कर दिया। इस दौरान वाहन के शीशे टूट गए और इलाके में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
बताया जा रहा है कि यह विरोध पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और विधायक मोहम्मद रियास से जुड़े ठिकानों पर ED की छापेमारी के खिलाफ किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर जांच एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बनी।
जानकारी के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन स्थित पिनाराई विजयन के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जमा हो गए थे। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने ED अधिकारियों के वाहन को निशाना बनाया। वहीं, कोझिकोड में भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और CPI(M) समर्थकों के बीच तनाव देखने को मिला। बाद में पार्टी नेताओं के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
यह पूरा मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच से जुड़ा है। ED का आरोप है कि कंपनी में फर्जी खर्च दिखाकर करोड़ों रुपये के लेन-देन किए गए। जांच एजेंसी ने इस सिलसिले में केरल और बेंगलुरु समेत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को CMRL से आईटी कंसल्टेंसी के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया था। इसके अलावा एक अन्य कंपनी के जरिए कथित तौर पर लोन ट्रांजैक्शन भी सामने आया है।
इस मामले की शुरुआत 2019 में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद हुई थी। बाद में जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को सौंपी गई। ED ने मार्च 2024 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने भी ED की जांच को वैध ठहराया था। फिलहाल ED पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है, जबकि छापेमारी और विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य की सियासत भी गरमा गई है।