नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दोबारा होने वाली परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया है। एनटीए के अनुसार, अब NEET UG 2026 की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर इसकी जानकारी दी।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में देशभर के 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। हालांकि, पेपर लीक की शिकायतें सामने आने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद से ही दोबारा परीक्षा को लेकर लगातार बैठकों और समीक्षा का दौर जारी था।
इसी कड़ी में गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के आवास पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और री-एग्जाम की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक, एनटीए ने नए प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस बार पेपर तैयार करने में कई स्तर की गोपनीय व्यवस्था अपनाई जा रही है। अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की नई टीम बनाई जा रही है, जो प्रश्नपत्र तैयार करेगी। बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र में थ्योरी, फॉर्मूला आधारित, एप्लिकेशन और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का संतुलित मिश्रण रखा जाएगा, ताकि परीक्षा का स्तर भी बना रहे और सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो।
पेपर लीक मामले में CBI जांच के आदेश
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर लीक की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति ‘जीरो एरर’ पर आधारित है और NTA की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत महसूस की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर काम करेगी।
छात्रों के लिए सरकार के बड़े फैसले
री-एग्जाम को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों को राहत देते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं—
- दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
- अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के शहर में परीक्षा केंद्र चुनने का विकल्प दिया जाएगा।
- नए एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
- अगले साल से NEET परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की तैयारी की जा रही है।
‘किसी छात्र के साथ अन्याय नहीं होगा’
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार मेधावी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सख्त निगरानी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
इस बीच, छात्रों के लिए राहत की बात यह है that पहले से आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। सभी पंजीकृत अभ्यर्थी सीधे री-एग्जाम में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा से जुड़ी नई गाइडलाइन और एडमिट कार्ड की जानकारी जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।