नई दिल्ली। बजट सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब और डोकलाम मुद्दे का जिक्र किए जाने पर सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। शोर-शराबे के चलते लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और हंगामे में शामिल 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
निलंबित सांसदों में कांग्रेस के 7 और माकपा के 1 सांसद शामिल हैं। कांग्रेस के जिन सांसदों पर कार्रवाई हुई है, उनमें अमरिंदर सिंह, राजा वडिंग, प्रशांत परोले, हिबी ईडन, गुरजीत औजला, डीन कोरियोकोज, मणिकम टैगोर और किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं, जबकि माकपा सांसद एस. वेंकटेशन भी निलंबित किए गए हैं। आरोप है कि हंगामे के दौरान इन सांसदों ने पीठासीन अधिकारी की ओर कागज फेंके।
निलंबन के विरोध में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद राजा वडिंग ने कहा कि जैसे ही प्रधानमंत्री, चीन और डोकलाम का नाम लिया गया, बीजेपी सांसदों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर ने माइक बंद कर दूसरे सांसद को बोलने का मौका दिया, जो गलत है। वडिंग ने कहा, “हमें सस्पेंड कराकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।”
यह पूरा विवाद राहुल गांधी के बयान से शुरू हुआ। राहुल गांधी ने 3 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे सदन में पूर्व आर्मी चीफ की एक अनपब्लिश्ड किताब से जुड़े लेख का हवाला देते हुए बोलने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और चीन-भारत सीमा पर हुई घटनाओं के बारे में तथ्य रखना चाहते हैं। राहुल गांधी का आरोप है कि उन्हें करीब 14 मिनट तक बोलने की कोशिश के बावजूद बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं। मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। मैं सिर्फ यह बता रहा हूं कि चीन और भारत के बीच क्या हुआ। पूर्वी लद्दाख में हमारे सैनिक शहीद हुए।” हंगामे के चलते अंततः लोकसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।