अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच भारत को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। सरकारी कंपनी Oil India Limited ने अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार की खोज की है, जिसे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने इस खोज को लेकर जानकारी साझा करते हुए इसे भारत के लिए “नई ऊर्जा उम्मीद” बताया है।
‘श्री विजयपुरम-3’ कुएं में मिली गैस
मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित ‘श्री विजयपुरम-3’ कुएं में प्राकृतिक गैस के संकेत मिले हैं। यह कुआं समुद्र की लगभग 355 मीटर गहराई में ड्रिल किया गया था। 1900 मीटर से अधिक गहराई पर स्थित इओसीन फॉर्मेशन में शुरुआती परीक्षण के दौरान गैस फ्लेयरिंग के जरिए इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई।
लगातार हो रही है जांच और परीक्षण
कंपनी द्वारा गैस के कंपोजिशन और ऊर्जा क्षमता का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही आइसोटोप स्टडी के जरिए गैस की उत्पत्ति और गुणवत्ता की जांच भी जारी है। इससे पहले सितंबर 2025 में इसी क्षेत्र के ‘विजयपुरम-2’ कुएं में भी गैस के भंडार मिले थे, जिससे इस इलाके में ऊर्जा संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
यह खोज भारत के ‘समुद्र मंथन मिशन’ से जुड़ी मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य गहरे समुद्री क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज करना है। इस मिशन की घोषणा 15 अगस्त 2025 को की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज से भारत की LNG और कच्चे तेल पर विदेशी निर्भरता कम हो सकती है। इससे घरेलू स्तर पर CNG और LPG उत्पादन बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकता है।
वैश्विक संकट के बीच राहत की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर दबाव के बीच यह खोज भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत बना सकता है।