दुनिया में बढ़ती राजनीतिक अनिश्चितता और संकट के बीच पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भारत की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने भारत को पूरी दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ संयुक्त बयान के दौरान टस्क ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच रिश्ते भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। दोनों देश आने वाले वर्षों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
‘मुश्किल दौर में भारत की भूमिका उम्मीद जगाती है’
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया कई तरह की राजनीतिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में भारत जैसे बड़े देश का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अहम है। टस्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वैश्विक संकट और अस्थिरता के बीच भारत की भूमिका उम्मीद जगाने वाली है। उन्होंने भारत और प्रधानमंत्री मोदी के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत-पोलैंड के रिश्तों में भरोसा और साझा हित अहम
डोनाल्ड टस्क ने कहा कि भारत और पोलैंड के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कई समान आधार मौजूद हैं। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच ऐसे गंभीर मतभेद नहीं हैं, जो आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाने में बाधा बनें। उन्होंने कहा कि दोनों देश आपसी भरोसे, साझा मूल्यों और अहिंसा जैसे विचारों को महत्व देते हैं। टस्क ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता का भाव जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें भारत के प्रधानमंत्री को अपना दोस्त कहने पर गर्व है। पोलैंड के प्रधानमंत्री के मुताबिक, दोनों देशों के बीच हालिया बातचीत सकारात्मक रही है और इससे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में मदद मिलेगी।
रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की तैयारी
टस्क ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में भारत और पोलैंड की रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही आने वाले वर्षों में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करने पर चर्चा हुई। भारत और पोलैंड ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया था। मौजूदा यात्रा के दौरान दोनों देशों का जोर इस साझेदारी को व्यावहारिक सहयोग में बदलने और नए क्षेत्रों में आपसी भागीदारी बढ़ाने पर है।
कारोबार और निवेश से मजबूत होंगे द्विपक्षीय संबंध
पोलैंड के प्रधानमंत्री ने आर्थिक सहयोग को भारत-पोलैंड साझेदारी का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।टस्क की भारत यात्रा में कारोबारी प्रतिनिधियों की भागीदारी भी अहम है। उनके प्रतिनिधिमंडल में पोलैंड की कंपनियों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं। दोनों देशों के बीच कारोबारी बैठकों के जरिए निवेश, व्यापार और नए व्यावसायिक अवसरों पर चर्चा की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों की कंपनियों के बीच संपर्क बढ़ाना और आर्थिक संबंधों को अधिक मजबूत बनाना है।
खनन से लेकर अंतरिक्ष तक सहयोग बढ़ाने की योजना
भारत और पोलैंड के बीच सहयोग को केवल व्यापार तक सीमित रखने के बजाय तकनीक और उद्योग के नए क्षेत्रों में भी विस्तार देने की तैयारी है। टस्क ने खनन, कोयले से गैस बनाने की तकनीक, जहाज निर्माण और शिपयार्ड जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का जिक्र किया। इसके अलावा अंतरिक्ष तकनीक, डिजिटल क्षेत्र, उपग्रह, ड्रोन और आधुनिक रक्षा प्रणालियों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। टस्क ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ड्रोन और उपग्रह तकनीक की उपयोगिता बढ़ी है। ऐसे में इन क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
G20 समेत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी बढ़ेगा तालमेल
डोनाल्ड टस्क ने उम्मीद जताई कि भारत और पोलैंड वैश्विक मुद्दों पर भी आपसी सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने G20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों का फायदा केवल भारत और पोलैंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूती मिल सकती है।
23 अक्टूबर तक भारत में रहेंगे पोलैंड के प्रधानमंत्री
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच 2024 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना है। इस यात्रा के दौरान आर्थिक संबंधों, तकनीकी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत को अहम माना जा रहा है। दोनों देशों की कोशिश है कि मौजूदा साझेदारी को नई परियोजनाओं और ठोस सहयोग के जरिए और मजबूत बनाया जाए।