नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में नोएडा पुलिस ने रुचिका सिंह नाम की छात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के बाद छात्रा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह हाथ जोड़कर माफी मांगती दिखाई दे रही है।
वीडियो जारी कर मांगी माफी
रुचिका सिंह ने वीडियो संदेश में कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थीं। इसी दौरान जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन में पहुंच गईं, जहां कुछ लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हीं लोगों के प्रभाव में आकर उन्होंने भी अनुचित शब्दों का प्रयोग किया। वीडियो में छात्रा ने कहा कि वह 15 वर्ष की हैं और उनसे गंभीर गलती हो गई। उन्होंने कहा, “मैंने जो कहा, वह गलत था। यह मेरी पहली और आखिरी गलती होगी। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करूंगी।”
FIR दर्ज, जांच जारी
रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह चंदेल की शिकायत पर रुचिका सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस जब सेक्टर-18 स्थित उनके पते पर पहुंची, तो वह वहां मौजूद नहीं मिलीं। मामले में आगे की जांच जारी है।
पीएम मोदी ने कहा- बच्चों को सीखने का मौका मिलना चाहिए
इस घटनाक्रम से कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा निश्चित रूप से दुखद और परेशान करने वाली है, लेकिन युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने का अवसर मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि बचपन में गलतियां हो जाती हैं और उन्हें सुधारने का मौका भी मिलना चाहिए। उन्होंने संबंधित छात्रों को “गुमराह” बताते हुए कहा कि उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को अदालतों के चक्कर लगवाने या सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने से समस्या का समाधान नहीं होगा और उन्होंने संबंधित छात्रों को माफ करने की बात कही।