नई दिल्ली: E20 पेट्रोल नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मंगलवार को पार्टी कार्यालय से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने के लिए रवाना हुए। हालांकि, पुलिस ने फिरोजशाह कोटला रोड पर उनके काफिले को रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल अपने समर्थकों और पार्टी नेताओं के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। मार्च में अरविंद केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया, संजय सिंह समेत आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह मार्च केंद्र सरकार द्वारा E20 पेट्रोल नीति को “जबरन लागू” किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया है। मार्च शुरू होने से पहले केजरीवाल ने दावा किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर और पत्र सौंपने जा रहे हैं। उनका आरोप है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर लोगों पर ऐसी नीति थोपी जा रही है, जिससे वाहनों के प्रदर्शन और माइलेज पर असर पड़ रहा है। इससे एक दिन पहले आयोजित राष्ट्रीय टाउन हॉल कार्यक्रम में केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों पर E20 और शुद्ध पेट्रोल दोनों का विकल्प उपलब्ध कराया जाए, E20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम हो और पेट्रोल की कीमत 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाई जाए।
वहीं, केंद्र सरकार ने E20 पेट्रोल नीति का बचाव किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को चरणबद्ध, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में नीति आयोग, ऑटोमोबाइल निर्माता, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) और अन्य तकनीकी संस्थानों की भागीदारी रही है।