जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में एक पाकिस्तानी आतंकी मारा गया है। सुरक्षाबलों के मुताबिक, मारे गए आतंकी की पहचान यासिर उर्फ अबु तल्हा के तौर पर हुई है। पुलिस का दावा है कि यासिर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और 2024 में पुंछ में एयरफोर्स के काफिले पर हुई गोलीबारी की घटना में उसकी भूमिका थी। सुरक्षाबलों ने यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन अशदर’ के तहत की। मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी होने पर उसका भी पता लगाया जा सके।
पुलिस ने एक्स पर दी कार्रवाई की जानकारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए ऑपरेशन की जानकारी साझा की। पुलिस के अनुसार, मारे गए आतंकी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी नागरिक यासिर के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि यासिर लंबे समय तक लश्कर के सुलेमान मूसा ग्रुप का हिस्सा रहा था। हालांकि, करीब एक साल पहले उसने इस ग्रुप से अलग होकर अपने स्तर पर गतिविधियां शुरू कर दी थीं।
यासिर के पास से हथियार बरामद
सुरक्षाबलों के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद यासिर के पास से एक AK राइफल समेत कई अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यासिर के संपर्क में कौन-कौन से आतंकी थे और वह हाल के दिनों में किसी आतंकी गतिविधि की साजिश या उसे अंजाम देने में शामिल था या नहीं।
पुंछ एयरफोर्स काफिले पर हमले से जुड़ा था नाम
पुलिस के अनुसार, यासिर वर्ष 2024 में पुंछ में एयरफोर्स के काफिले पर हुई फायरिंग की घटना में शामिल था। इस हमले में एक जवान शहीद हुआ था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले में यासिर की कथित भूमिका और उसके नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
लश्कर से अलग होने के बाद अकेले कर रहा था काम
जानकारी के मुताबिक, यासिर काफी समय तक लश्कर-ए-तैयबा के सुलेमान मूसा ग्रुप के साथ जुड़ा रहा। करीब एक साल पहले ग्रुप से अलग होने के बाद वह कथित तौर पर स्वतंत्र रूप से काम कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह लश्कर के कमांडर के तौर पर बडगाम में सक्रिय था।
सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रहीं पूरा नेटवर्क
यूसमर्ग में हुई यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों का हिस्सा है। अब जांच एजेंसियां यासिर के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। उसके दूसरे आतंकियों के साथ संपर्क, स्थानीय मददगारों और हाल की गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में भी सुरक्षाबलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई थी। उस कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया था, जबकि इलाके में अन्य संदिग्धों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रखा गया था।