दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन शुरू हुआ एक मामूली विवाद घातक हत्याकांड में बदल गया। जेजे कॉलोनी में 26 वर्षीय तरुण कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने एफआईआर में अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी हैं। इसी मामले में अब दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एमसीडी) ने बुलडोजर कार्रवाई भी की है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी निजामुद्दीन से जुड़ी संपत्ति पर अवैध निर्माण के आरोप में यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के मुताबिक, घटना की शुरुआत होली के दिन शाम करीब 10:30 बजे हुई। तरुण की 11 साल की चचेरी बहन ने घर की छत से पानी का गुब्बारा फेंका था। गुब्बारा फिसलकर नीचे सड़क पर गिर गया और पास में रहने वाली एक महिला पर उसके पानी की छींटे पड़ गईं। दोनों परिवार अलग-अलग समुदायों से होने के कारण इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई।
तरुण के चाचा रमेश बुटोलिया ने बताया कि गुब्बारे की वजह से हुई असुविधा के लिए महिला और उसके परिवार से माफी भी मांगी गई, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर जातिसूचक गालियां दी गईं। उन्होंने बताया कि उस समय परिवार के लोग घर के अंदर चले गए थे, जबकि बाहर से गाली-गलौज जारी रही। रात करीब 11 बजे जब तरुण घर लौटा और बाइक पार्क कर रहा था, तभी आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। उस पर लोहे की रॉड, हॉकी स्टिक, क्रिकेट बैट और पत्थरों से हमला किया गया। हमलावरों ने उसे सड़क पर बुरी तरह पीटा और मौके से फरार हो गए।
तरुण के पिता मेमराज के अनुसार, हमलावरों ने परिवार के लोगों को घर के बाहर से बंद कर दिया था, जिससे उन्हें हमले की जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में घायल तरुण को अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों परिवार पिछले करीब 50 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी पार्किंग तथा कचरा निपटान जैसे मुद्दों को लेकर विवाद होते रहे थे।
मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने उमरदीन (49), जुम्मदीन (36), कमरुद्दीन (36), मुस्तैक (46), मुजफ्फर (25) और ताहिर को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। तरुण की मौत की खबर फैलने के बाद आरोपियों के परिवार अपने घरों में ताला लगाकर फरार हो गए।
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। गुस्साई भीड़ ने कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की और एक कार को आग के हवाले कर दिया। उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन के पास लोगों ने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अर्धसैनिक बलों की मदद लेनी पड़ी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने क्षेत्र को तीन जोनों में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में रखा है। वहीं, तरुण के परिवार ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।