दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर कई गंभीर खुलासे सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस में आग लगी, उसके पास फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं था। इसके अलावा गेस्ट हाउस के लिए केवल छह कमरों की अनुमति ली गई थी, जबकि परिसर में करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। मृतकों और घायलों में विदेशी छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। आग लगने के बाद इमारत में फंसे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई लोगों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग तक लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
घटना के चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने के बाद इमारत के अंदर फंसे लोग मदद के लिए लगातार चिल्ला रहे थे। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर लोगों को बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन इमारत की खिड़कियां और शीशे बंद होने के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कत आई।बताया जा रहा है कि इमारत में प्रवेश और निकास के लिए मुख्य रूप से एक ही दरवाजा था, जिस पर इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद बिजली आपूर्ति बाधित होते ही यह लॉक काम करना बंद कर गया, जिससे कई लोग अंदर ही फंस गए।
सिलेंडर विस्फोट की आशंका
मैक्स हेल्थकेयर की ओर से जारी बयान में आशंका जताई गई है कि हादसा सिलेंडर विस्फोट के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने स्पष्ट किया है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से कारणों की पुष्टि की जाएगी। घटना के बाद दमकल विभाग ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी और सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
होटल मालिक और संचालन की जांच
जांच में सामने आया है कि संबंधित होटल और गेस्ट हाउस के मालिक का नाम लोकेश बजाज है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रतिष्ठान के संचालन में तीन साझेदार शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों के पास दिल्ली में अन्य होटल और गेस्ट हाउस भी संचालित हैं। पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां अब होटल प्रबंधन, भवन निर्माण, फायर सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।