नई दिल्ली: NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि उनकी आंदोलनरत छात्रों से बातचीत हुई है और छात्रों की तीन प्रमुख मांगें हैं, जिन पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की है। उनके मुताबिक, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय किए बिना छात्रों का भरोसा बहाल नहीं किया जा सकता।
‘जवाबदेही तय करना जरूरी’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से संभालने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में आई खामियों के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसी कारण शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग सामने आई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के भीतर शिक्षा मंत्रालय में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। हालांकि राहुल गांधी ने कहा कि केवल मंत्रालय बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि छात्रों के विश्वास को बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
‘शिक्षा व्यवस्था में भरोसा लौटाना होगा’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। उनके अनुसार, लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों के मन में चिंता पैदा की है। उन्होंने सरकार से पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की।
राहुल गांधी ने गिनाईं छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने आंदोलनरत छात्रों की ओर से तीन प्रमुख मांगों का उल्लेख किया..
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
- प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दें और उनसे संवाद करें।
NEET विवाद पर सियासी घमासान जारी
NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, जबकि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और कड़े कानूनी प्रावधानों की बात कह रही है। इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।