NEET री-एग्जाम 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार को देशभर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना है।
NTA के अनुसार, दोपहर 1:30 बजे देशभर के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल की जाएगी। इस दौरान प्रश्नपत्रों के परिवहन, सुरक्षित भंडारण और परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से मीडिया को परीक्षा केंद्रों के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है।
हेलीकॉप्टर से होगी प्रश्नपत्रों की डिलीवरी
इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टरों के माध्यम से देश के 18 नोडल केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए जाएंगे। प्रश्नपत्र पहले दिल्ली से विमान के जरिए भेजे जाएंगे और संवेदनशील क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों से उनकी डिलीवरी की जाएगी। परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी CRPF और CISF संभालेंगी। परीक्षा समाप्त होने तक दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर में 97 परीक्षा केंद्र
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में NEET री-एग्जाम के लिए कुल 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें अधिकांश केंद्र केंद्रीय विद्यालयों और दिल्ली सरकार के स्कूलों में स्थापित किए गए हैं। NTA ने परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए एक विशेष शिकायत पोर्टल भी शुरू किया है। यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक की झूठी खबर फैलाता है, फर्जी वेबसाइट संचालित करता है या NTA अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने की कोशिश करता है, तो उसकी जानकारी इस पोर्टल पर दी जा सकती है।
NTA ने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। साथ ही उम्मीदवारों से केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करने की अपील की गई है। एजेंसी का कहना है कि मॉक ड्रिल के बाद प्राप्त फीडबैक के आधार पर अंतिम तैयारियों को पूरा किया जाएगा, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।