पेपर लीक विवाद के बाद रद्द की गई NEET-UG 2026 परीक्षा का री-एग्जाम रविवार को देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित किया जा रहा है। इस बार परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। पहली बार परीक्षा सामग्री की सुरक्षित ढुलाई में भारतीय वायुसेना की मदद ली गई है, जबकि परीक्षा केंद्रों की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से की जा रही है।
देशभर में आयोजित इस परीक्षा में 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के मद्देनजर जैमर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी या नकल की संभावना को रोका जा सके। वहीं, उम्मीदवारों की एंट्री से पहले थर्मल स्कैनिंग और बायोमेट्रिक जांच की जा रही है।
2 लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
री-एग्जाम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए देशभर में दो लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 6,669 ऑब्जर्वर और 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास जिला प्रशासन और पुलिस की विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू की है। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं।
एयरफोर्स के जरिए पहुंचाए गए प्रश्नपत्र
इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों के जरिए विभिन्न शहरों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। इससे पहले 3 मई 2026 को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। NTA ने इस बार परीक्षा पैटर्न में भी कुछ बदलाव किए हैं। परीक्षा की अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है।छात्रों को एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ समय से केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों के लिए भी केंद्रों के बाहर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
NTA ने छात्रों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। एजेंसी की ओर से ऑनलाइन गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या गलत सूचना पर तुरंत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दिल्ली, मुंबई, पटना, नोएडा, कोलकाता और चेन्नई समेत कई शहरों में विशेष हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, ताकि छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने या अन्य समस्याओं में सहायता मिल सके। परीक्षा से पहले मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्थाओं का परीक्षण भी किया गया था।