टीसीएस की नासिक यूनिट से जुड़ा कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला अब और गंभीर हो गया है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए विशेष जांच दल (SIT) ने राज्य खुफिया विभाग (SID), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से तकनीकी सहयोग मांगा है। इस बीच, मामले की मुख्य आरोपी एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी इस केस में सक्रिय हो गई है और नासिक पहुंचने की तैयारी में है।
जांच के दौरान एक नया पहलू सामने आया है, जिसमें फरार निदा खान के संबंध एक संदिग्ध महिला डॉ. शाहीन शाहिद से बताए जा रहे हैं, जिनका नाम पहले आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। इसी कड़ी में एजेंसियां इस पूरे मामले को संभावित “हाइब्रिड नेटवर्क” के रूप में भी देख रही हैं, जहां कॉर्पोरेट सेटअप के भीतर कट्टरपंथ फैलाने की आशंका जताई जा रही है। नासिक पुलिस अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। शिकायत करने वाली करीब 12 महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और धर्म बदलने के लिए दबाव बनाया गया।
पीड़ितों के मुताबिक, आरोपी खास तौर पर 20 से 25 वर्ष की युवतियों को निशाना बनाती थी और उन पर धार्मिक गतिविधियों को अपनाने का दबाव डालती थी। कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों को विशेष पहनावे और धार्मिक प्रथाओं को अपनाने के लिए बाध्य किया जाता था। कंपनी ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सभी नामजद कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। वहीं SIT डिजिटल सबूतों, चैट्स और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। फिलहाल, कुछ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। मामला लगातार नए खुलासों के साथ और संवेदनशील होता जा रहा है।