प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को उडुपी के ऐतिहासिक श्री कृष्ण मठ पहुंचे, जहां उन्होंने ‘लक्ष गीता पाठन’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस विशेष सामूहिक पाठ में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवद् गीता के श्लोकों का पाठ किया। प्रधानमंत्री ने श्री कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की और पर्याय स्वामीजी से आशीर्वाद प्राप्त किया। यह उनका उडुपी का तीसरा दौरा था। वह 1993 में पहली बार और 2008 में दूसरी बार (उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में) यहां आए थे।
कर्नाटक के प्रमुख तीर्थस्थल पर केंद्रित हुई देशभर की नजर
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से कर्नाटक के प्रसिद्ध तीर्थस्थल—13वीं शताब्दी के दार्शनिक श्री माधवाचार्य से जुड़े श्री कृष्ण मठ—की ओर देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित हुआ। कर्नाटक सहित आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले विशेष तैयारियां
उडुपी प्रशासन के मुताबिक, प्रधानमंत्री के आगमन से पहले सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर, आसपास की सड़कों और सार्वजनिक सभा स्थलों को व्यवस्थित किया गया। मेडिकल टीमें, इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट और स्वयंसेवी समूह तैनात रहे।
वैष्णव परंपरा को मिला वैश्विक ध्यान
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के दौरे से उडुपी की आध्यात्मिक और वैष्णववादी पहचान को नई पहचान मिली है। इस यात्रा ने इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की ओर देश-दुनिया का ध्यान एक बार फिर खींचा है।