ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने से हुई दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
CM योगी ने भी किया मुआवजे का ऐलान
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं।
बस में पहले से आ रही थी जलने की गंध
पुलिस की FIR में हादसे को लेकर कुछ अहम बातें सामने आई हैं। FIR के मुताबिक, आग लगने से पहले बस में सवार यात्रियों को जलने जैसी गंध महसूस हो रही थी। इसी दौरान ड्राइवर और क्लीनर के धूम्रपान करने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने मामले में बस के ड्राइवर और क्लीनर को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग यमुना एक्सप्रेसवे पर बस के इंजन वाले हिस्से से शुरू हुई थी। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
यात्रियों ने धूम्रपान को लेकर जताई थी आपत्ति
FIR में दर्ज जानकारी के अनुसार, बस में धुआं और जलने की गंध महसूस होने के बाद कुछ यात्रियों ने ड्राइवर और कंडक्टर के धूम्रपान करने पर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि दोनों ने यात्रियों की बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसके कुछ ही समय बाद बस में आग फैल गई। देखते ही देखते आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 9 लोगों की जान चली गई।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर और क्लीनर से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस में सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं और आग लगने के बाद यात्रियों को बाहर निकलने में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। फिलहाल हादसे के कारणों और लापरवाही से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।