नई दिल्ली| मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर दिया है। मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद से नहीं हटते, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने और इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।
राहुल गांधी ने CWC के सामने रखीं तीन मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी के आंदोलन को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को समाप्त करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करना शामिल है। राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक में भी चर्चा की जाएगी। इसके बाद रामलीला मैदान में रैली करने या राज्यों में आंदोलन चलाने पर फैसला लिया जा सकता है।
‘इस्तीफा दें तो अच्छा, नहीं दें तो आंदोलन जारी रहेगा’
CWC की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनका इस्तीफा करवाएंगे। राहुल ने यह भी कहा कि अगर इस्तीफा हो जाता है तो ठीक, लेकिन ऐसा नहीं होने पर भी कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि इस मुद्दे पर लगातार दबाव बनाए रखने की जरूरत है। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
PM मोदी और अमित शाह को लेकर राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ कथित बातचीत का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं ने उनसे कहा था कि वे वही कर रहे हैं, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय होता था। राहुल ने इस बातचीत के हवाले से पार्टी नेताओं से अपने ऊपर भरोसा रखने की बात कही। हालांकि, इस कथित बातचीत का विवरण राहुल गांधी के बयान पर आधारित है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
‘दो तरह से हो रही मैच फिक्सिंग’
राहुल गांधी ने हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मतदाता सूची को लेकर लगाए गए अपने पुराने आरोपों को भी दोहराया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया में दो तरह से गड़बड़ी की जा रही है—एक EVM के जरिए और दूसरी मतदाता सूची में कथित तौर पर जानबूझकर गलतियां करके। कांग्रेस नेता का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। पार्टी ने SIR को लेकर सामने आई रिपोर्टों और चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को भी अपने आरोपों के समर्थन में उठाया है। ये कांग्रेस और राहुल गांधी के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।
2019 और 2023 के कानूनों पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने 2019 और 2023 में बनाए गए कानूनों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन बदलावों से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। उन्होंने संसद में विपक्षी सांसदों के निलंबन का मुद्दा भी उठाया। राहुल ने पार्टी नेताओं से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि लगातार दबाव बनाने से सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उदाहरण देते हुए भी अपनी बात रखी।
INDIA गठबंधन की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
CEC विवाद को लेकर विपक्षी दलों की INDIA गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को प्रस्तावित है। इसमें मतदाता सूची के SIR और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर साझा रणनीति पर चर्चा हो सकती है। कांग्रेस की कोशिश है कि इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों को साथ लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाए। CWC की बैठक में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अब सबकी नजर INDIA गठबंधन की बैठक और उसमें लिए जाने वाले फैसलों पर है।