रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वियतनाम की राजधानी Hanoi पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ मंत्री स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है। खासतौर पर सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, रक्षा औद्योगिक साझेदारी और समुद्री सुरक्षा सहयोग पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। हनोई रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया जाएगा।
दक्षिण कोरिया के तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे रक्षा मंत्री
वियतनाम दौरे के बाद रक्षा मंत्री मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर South Korea रवाना होंगे। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
दक्षिण चीन सागर पर बढ़ेगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में South China Sea की मौजूदा स्थिति पर भी विशेष चर्चा होगी। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और उसके व्यापक संप्रभुता दावों को लेकर कई देशों की चिंता बढ़ी है। वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई जैसे देश भी इस समुद्री क्षेत्र पर अपना दावा जताते रहे हैं।
भारत लगातार इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की वकालत करता रहा है। खासतौर पर United Nations की समुद्री कानून संधि यूएनसीएलओएस के तहत नियम आधारित व्यवस्था पर भारत जोर देता आया है। अधिकारियों के अनुसार, राजनाथ सिंह और जनरल फान वान जियांग के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने, सैन्य साजो-सामान के संयुक्त विकास और नई रणनीतिक साझेदारियों पर व्यापक बातचीत होगी।