दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। पटौदी-बिलासपुर रोड स्थित सिधरावली इलाके में एक निर्माणाधीन सोसाइटी की कंक्रीट रिटेंशन दीवार गिरने से सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। आशंका जताई जा रही है कि कुछ मजदूर अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर मौजूद है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 8 बजे सोसाइटी के बेसमेंट क्षेत्र में बनी एक विशाल कंक्रीट रिटेंशन दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने के साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी भी धंस गई, जिससे वहां काम कर रहे 12 से 15 मजदूर उसकी चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस हादसे में सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। कई घायल मजदूरों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर सोमप्रकाश यादव ने बताया कि यह घटना रात करीब 7:45 बजे के आसपास की है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि 10 से 15 लोग कीचड़ और मिट्टी में दबे हुए हैं। शुरुआत में अस्पताल लाए गए चार लोगों को बचा लिया गया, लेकिन बाद में लाए गए कई मजदूर गंभीर हालत में थे। डॉक्टरों ने उन्हें सीपीआर और अन्य आपातकालीन उपचार देने की कोशिश की, लेकिन वे काफी देर तक मिट्टी में दबे रहने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में कुल सात शव लाए गए, जबकि चार मजदूरों का इलाज जारी है।
घटना के समय दीवार के पास बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज आवाज के साथ दीवार गिर गई और देखते ही देखते मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
मौके पर भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बेसमेंट की खुदाई या एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी इस हादसे की संभावित वजह मानी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता चल सकेगा।