राजस्थान। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन राजस्थान में 40 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पिछले तीन दिनों में किए गए कई परीक्षणों में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल करने में सफल रही। रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “परीक्षण इस महीने के अंत तक जारी रहेगा। इसके बाद यह ट्रेन देशभर में रेल यात्रियों को लंबी दूरी की विश्व स्तरीय यात्रा की सुविधा देने के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।”
मंत्रालय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से ‘एक्स’ पर हाल ही में जारी एक वीडियो भी साझा किया। उसने कहा, “वीडियो में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अंदर एक टेबल पर मोबाइल फोन के बगल में पानी से भरा हुआ गिलास रखा दिखाया गया है। इसमें ट्रेन के 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल करने के बावजूद पानी का स्तर स्थिर बना हुआ नजर आता है, जो दर्शाता है कि यह हाई-स्पीड रेल यात्रा कितनी आरामदायक होगी।
राजस्थान में हो रहा ट्रायल
मंत्रालय ने कहा, “दो जनवरी को संपन्न तीन दिन के सफल ट्रायल के बाद यह वीडियो जारी किया गया, जिसमें वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भरी अवस्था में अधिकतम रफ्तार हासिल करते दिखाई दी।” उसने बताया कि दो जनवरी को राजस्थान के बूंदी जिले में कोटा और लाबान के बीच 30 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल करने में कामयाब रही। मंत्रालय के मुताबिक, “एक दिन पूर्व यानी साल 2025 के पहले दिन, रोहलखुर्द से कोटा तक 40 किलोमीटर लंबे ट्रायल दौरान भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल की थी।” उसने बताया, “उसी दिन कोटा-नागदा और रोहलखुर्द-चाउ महला खंड पर ट्रेन 170 किलोमीटर प्रति घंटे और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ी।
Vande Bharat (Sleeper) testing at 180 kmph pic.twitter.com/ruVaR3NNOt
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) January 2, 2025