नई दिल्ली| संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल के साथ-साथ सड़क पर भी तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। दिल्ली पुलिस का दावा है कि इस दौरान हुई हिंसा में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकालने का प्रयास कर रहे थे। प्रशासन का कहना है कि संबंधित क्षेत्र में पहले से निषेधाज्ञा लागू थी और प्रदर्शनकारियों को कई बार आगे न बढ़ने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद भीड़ आगे बढ़ी और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि इस दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया और सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर स्तर के अधिकारी समेत कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों का हालचाल भी जाना। घटना के बाद पुलिस ने करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है और उसी के अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पथराव, पुलिसकर्मियों पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे आरोपों की अलग-अलग जांच की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा या गैरकानूनी गतिविधि से बचें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही लोगों से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।