अयोध्या: राम नगरी अयोध्या में बुधवार, 2 सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के नाम का ऐलान कर दिया गया। सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। वह भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
38 साल से ज्यादा का रहा वायुसेना करियर
जितेंद्र मिश्रा का भारतीय वायुसेना में लंबा और प्रतिष्ठित करियर रहा है। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को वायु सेना अकादमी से भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। उन्होंने करीब 38 वर्षों तक वायुसेना में सेवाएं दीं और 30 अप्रैल 2026 को एयर मार्शल के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने करियर के दौरान मिश्रा ने कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं। इसके अलावा वह एकीकृत रक्षा स्टाफ में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
3000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को लड़ाकू विमान उड़ाने का व्यापक अनुभव है। उनके पास 3000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के लड़ाकू और परिवहन विमानों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर भी उड़ाए हैं। मिश्रा एक अनुभवी फाइटर पायलट, फाइटर लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खड़कवासला और वायु सेना अकादमी, डुंडीगल से प्रशिक्षण लिया। इसके अलावा वह वायु सेना टेस्ट पायलट स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी (अलबामा) और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, यूनाइटेड किंगडम के भी पूर्व छात्र हैं।
कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्रा के करियर में कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों और अभियानों से जुड़ी जिम्मेदारियां रही हैं। वह उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज-2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल भूमिका में लाने में योगदान दिया था। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें विभिन्न सैन्य सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें 2013 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। वहीं, स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और उत्तम युद्ध सेवा पदक (YSM) से सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब संभालेंगे राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी जिम्मेदारी
वायुसेना से सेवानिवृत्ति के कुछ महीनों बाद जितेंद्र मिश्रा को अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO बनाया गया है। राम मंदिर के निर्माण के बाद मंदिर परिसर के विस्तार, प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न परियोजनाओं के संचालन को देखते हुए CEO का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के तौर पर प्रशासन, नेतृत्व और बड़े स्तर पर संचालन का उनका अनुभव अब राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में उपयोगी साबित हो सकता है।