लोकसभा से पारित होने के बाद अब एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में भी पेश कर दिया गया है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को उच्च सदन में विधेयक प्रस्तुत किया। इस पर सदन में सात घंटे तक चर्चा होगी, जिसके बाद बिल पर मतदान कराया जाएगा।
‘युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है सरकार’
राज्यसभा में बिल पेश करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक पहले ही लोकसभा से पारित हो चुका है, जहां इस पर लगभग 10 घंटे तक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि लगातार व्यवधान और शोर-शराबे के बावजूद सरकार ने सभी सवालों का जवाब दिया और विस्तृत बहस के बाद बिल पारित हुआ। उन्होंने राज्यसभा को “वरिष्ठों, अनुभवी और परिपक्व लोगों का सदन” बताते हुए कहा कि यह विधेयक देश के छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के प्रति सरकार की सर्वोच्च प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का दिया हवाला
जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में विभिन्न क्षेत्रों की भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने के लिए कई प्रमुख एजेंसियां कार्यरत हैं। इनमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन (IBPS) और उच्च शिक्षा में प्रवेश परीक्षाओं के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शामिल हैं।
‘NTA का विचार 33 साल पहले आया था’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना का विचार पहली बार वर्ष 1992 में सामने आया था, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद कई समितियों ने समय-समय पर ऐसी एजेंसी बनाने की सिफारिश की और वर्ष 2010 में भी इस दिशा में जोर दिया गया। जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस लंबे समय से लंबित पहल को अमलीजामा पहनाया गया है और उम्मीद है कि विपक्ष भी इस कदम की सराहना करेगा।
लोकसभा में हो चुका है पारित
इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर करीब 10 घंटे तक चर्चा हुई थी। बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा भी देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने विधेयक पर कई सवाल उठाए, जिनका जवाब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दिया। चर्चा के बाद लोकसभा ने ध्वनिमत से इस विधेयक को पारित कर दिया।