पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने रेजीनगर से सखराव सरकार को टिकट दिया है, जबकि हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम सीट से 62 वर्षीय हासीरानी रथ को मैदान में उतारा है। हासीरानी रथ बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
चुनाव नतीजों के बाद हुई थी PA की हत्या
6 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से बीजेपी लगातार उनके परिवार के संपर्क में थी। अब पार्टी ने नंदीग्राम जैसे महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र से उनकी मां हासीरानी रथ को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
पंचायत राजनीति से शुरू हुआ सफर
हासीरानी रथ पूर्वी मेदिनीपुर के चंडीपुर इलाके के कुलुप गांव की रहने वाली हैं। वह लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधि के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के साथ की थी। बाद में शुभेंदु अधिकारी के बीजेपी में आने के बाद हासीरानी रथ भी बीजेपी में शामिल हो गईं। रथ परिवार और अधिकारी परिवार के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंध काफी पुराने बताए जाते हैं। हासीरानी रथ के मुताबिक, वह 1998 से राजनीति में सक्रिय हैं। साल 2013 से 2018 के बीच वह चंडीपुर पंचायत समिति में शिशु एवं नारी विकास से जुड़े विभाग की कर्माध्यक्ष भी रही थीं।
शुभेंदु अधिकारी से पुराना राजनीतिक रिश्ता
शुभेंदु अधिकारी ने दिसंबर 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद हासीरानी रथ और उनका परिवार भी बीजेपी के साथ आ गया। रथ परिवार लंबे समय से अधिकारी परिवार के राजनीतिक सफर से जुड़ा रहा है। हासीरानी रथ के पति का 2024 में निधन हो गया था। अब बीजेपी ने उन्हें नंदीग्राम से चुनावी मैदान में उतारकर एक महत्वपूर्ण सीट पर बड़ा दांव खेला है।
6 अक्टूबर को होगा मतदान
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने कार्यक्रम जारी कर दिया है। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। नंदीग्राम में बीजेपी के इस फैसले के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है, क्योंकि पार्टी ने यहां शुभेंदु अधिकारी के करीबी रहे परिवार को ही चुनावी मैदान में उतारा है।