नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। यह प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। ममता बनर्जी ने बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर देशभर में आंदोलन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में पुरानी मतदाता सूची के आधार पर दोबारा चुनाव कराने की मांग भी रखी।
‘CEC को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं’
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़ी ऐसी स्थिति पहले देखने को नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ममता ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में अधिकारियों और पुलिस के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर सवाल हैं।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कई मौकों पर चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने कम से कम 14 बार अलग-अलग मुद्दों पर सवाल उठाए। रिपोर्ट में मतदाता सूची, नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 में बदलाव, चुनावी डेटाबेस तक पहुंच और पश्चिम बंगाल में SIR से जुड़े मामलों समेत कई मुद्दों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन खबरों में बताए गए मतभेदों को लेकर अलग पक्ष रखा है। आयोग की ओर से कहा गया है कि SIR समेत आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
ममता ने लगाया पुलिस के इस्तेमाल का आरोप
ममता बनर्जी ने अपने बयान में पुलिस की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और कुछ मामलों में पुलिस के जरिए एक खास राजनीतिक दल के समर्थन में जाने के लिए दबाव डाला जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘इतना बड़ा घोटाला पहले कभी नहीं हुआ’
ममता बनर्जी ने SIR से जुड़े घटनाक्रम को लेकर कहा कि ऐसा बड़ा विवाद पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां की गईं और विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उनका दावा है कि अब सामने आई रिपोर्टों से उनके पहले लगाए गए आरोपों को बल मिला है। वहीं, चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में उठाए गए मतभेदों की व्याख्या अलग तरीके से की है और SIR से जुड़े निर्णयों को सर्वसम्मत बताया है।
बंगाल में फिर चुनाव कराने की मांग
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में पुराने वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ जल्द चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर हैं, तब तक इस मुद्दे को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों के सवालों के बीच आयोग का पक्ष भी सामने आ चुका है। ऐसे में अब इस पूरे विवाद पर आगे की राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।