मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्रा के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बयानों से ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह इस देश के नहीं, बल्कि पाकिस्तान से आकर यहां राजनीति कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं का अपमान करने का आरोप भी लगाया. अपने संबोधन में मोहन यादव ने कहा कि सेना समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर राहुल गांधी की टिप्पणियां सवाल खड़े करती हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ताकत और प्रतिष्ठा दुनियाभर में बढ़ी है, लेकिन कांग्रेस के नेता देश की उपलब्धियों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.
राहुल गांधी के बयानों पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयानों और राजनीतिक रवैये को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं. गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष की रैली बुलाई है. इसी राजनीतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र की मजबूती के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया.
किसान सम्मान निधि और लाड़ली बहना योजना का किया जिक्र
मोहन यादव ने अपने भाषण में केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था और उनकी जमीन तक नीलाम होने की नौबत आती थी. वहीं, मौजूदा सरकार किसानों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचा रही है. मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से लेकर किसानों के कल्याण तक सरकार लगातार काम कर रही है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है.
नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने बालाघाट में मंत्री के पिता की हत्या और नक्सली घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों, अधिकारियों और आदिवासी समुदाय के लोगों को जान गंवानी पड़ी. उन्होंने बीजेपी के चुनाव चिह्न कमल का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस चाहे जितना भी कीचड़ उछाले, कमल खिलने से कोई नहीं रोक सकता. इस बयान के जरिए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश की.
लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को दिलाई शपथ
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मौजूद लोगों को लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दिलाया. इसमें संविधान के सम्मान, कानून के शासन और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की शपथ शामिल रही. उन्होंने लोगों से देश में अराजकता फैलाने वाली गतिविधियों का विरोध करने, युवा पीढ़ी को सही दिशा देने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन ‘लोकतंत्र बचाएंगे, अराजकता हटाएंगे’ के संकल्प के साथ किया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न समाजों, वर्गों, संतों और युवाओं की भागीदारी का स्वागत करते हुए कहा कि यह दिन केवल भाषण देने का नहीं, बल्कि जनता के योगदान और सहभागिता का अभिनंदन करने का है.