मुंबई| महाराष्ट्र की सियासत में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया है। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके इस पद पर पहुंचने को महिला नेतृत्व के लिहाज से एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
यह राजनीतिक परिवर्तन उस समय सामने आया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान हादसे में आकस्मिक निधन हो गया। इस घटना से पार्टी और महायुति सरकार के सामने नेतृत्व का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। हालात को देखते हुए NCP ने तेजी से निर्णय लेते हुए अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को आगे बढ़ाया।
अजित पवार के निधन के तीन दिन के भीतर ही पार्टी ने नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किया। सुनेत्रा पवार को पहले NCP विधायक दल का नेता चुना गया, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया गया। विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने उन्हें संगठन और विधायिका से जुड़े फैसले लेने का पूर्ण अधिकार सौंपा।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भावुक माहौल में ‘अजित दादा अमर रहें’ के नारे लगाए। सुनेत्रा पवार अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री के रूप में सरकार की जिम्मेदारी संभालेंगी। उपमुख्यमंत्री बनने से पहले सुनेत्रा पवार ने अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, उनकी रिक्त हुई राज्यसभा सीट पर उनके बड़े बेटे पार्थ पवार के नाम पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि सुनेत्रा पवार का प्रत्यक्ष राजनीतिक अनुभव सीमित रहा है, लेकिन वे लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं और पवार परिवार का हिस्सा होने के कारण राजनीतिक प्रक्रियाओं से भली-भांति परिचित मानी जाती हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। अब उपमुख्यमंत्री पद संभालने के साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई भूमिका में प्रवेश कर चुकी हैं, जिस पर राज्य और देश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।