भारतीय लोकतंत्र में शनिवार सुबह एक खास और सकारात्मक पल देखने को मिला, जब पीएम मोदी और राहुल गांधी ने एक-दूसरे से करीब दो मिनट तक बातचीत की। यह दृश्य कैमरे में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर इसे लोकतंत्र के स्वस्थ संवाद का उदाहरण बताया जा रहा है।
दिल्ली में ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह मुलाकात हुई। जब प्रधानमंत्री संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पहुंचे, उस समय राहुल गांधी,ओम बिरला, जेपी नड्डा, अर्जुन राम मेघवाल समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद थे। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और कुछ देर तक बातचीत की। बाद में द्रौपदी मुर्मू और सी.पी. राधाकृष्णन भी कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन नैतिक साहस, आत्म-चिंतन और समाज के कल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। वहीं राहुल गांधी ने भी फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। राहुल गांधी ने कहा कि भेदभाव और असमानता के खिलाफ महात्मा फुले का संघर्ष देश को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ाने वाला रहा है और उनके आदर्श आज भी सामाजिक न्याय की राह में प्रेरणा देते हैं।