कभी अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी माने जाने वाले राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से अलग होकर नई राजनीतिक राह चुन ली है। छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। लेकिन बीजेपी में एंट्री के साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर बड़ा झटका लगा है। उनकी लोकप्रियता में अचानक गिरावट देखने को मिली है, जिसने सबको चौंका दिया है।
बताया जा रहा है कि जैसे ही उन्होंने 24 मार्च 2026 को बीजेपी जॉइन की, इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स तेजी से कम होने लगे। पहले जहां उनके करीब 14.6 मिलियन फॉलोअर्स थे, वहीं महज एक दिन के भीतर यह संख्या घटकर लगभग 12.8 मिलियन रह गई। यानी लाखों लोगों ने उन्हें अनफॉलो कर दिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे युवा वर्ग, खासकर Gen Z की नाराजगी बड़ी वजह हो सकती है। सोशल मीडिया पर ‘Gen Z Unfollow’ जैसा ट्रेंड भी चर्चा में रहा, जिसमें यूजर्स ने उनके फैसले के खिलाफ प्रतिक्रिया दी।
राघव चड्ढा की पहचान लंबे समय तक एक ऐसे युवा नेता की रही, जो संसद में आम लोगों के मुद्दों को दमदार तरीके से उठाते थे। उनके बोलने का अंदाज और आक्रामक शैली युवाओं को काफी पसंद आती थी। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ी थी।
हालांकि, पार्टी बदलने के फैसले ने उनके उसी समर्थक वर्ग के एक हिस्से को नाराज कर दिया है, जिसका असर अब सीधे उनके डिजिटल प्रभाव पर दिखाई दे रहा है।