पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कोलकाता में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया। केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने इस घोषणापत्र का विमोचन किया, जिसे पार्टी ने ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया है। कार्यक्रम के मंच पर ‘भय नहीं, भरोसा’ का संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
घोषणापत्र जारी करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह संकल्प पत्र बंगाल की जनता को निराशा से बाहर निकालकर एक विकसित राज्य की दिशा में ले जाने का रोडमैप है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार बनने पर राज्य में कई बड़े बदलाव किए जाएंगे और केंद्र की योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जाएगा।
घोषणापत्र के प्रमुख वादों में महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता देना शामिल है। इसके अलावा, 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने, 45 दिनों के अंदर सातवें वेतन आयोग को लागू करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया गया है। पार्टी ने यह भी कहा है कि हिंसा और घोटालों की जांच के लिए रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में घुसपैठ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने और दोषियों को जेल भेजने की बात भी कही है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की छह गारंटियों को भी इस ‘भरोसा पत्र’ में शामिल किया गया है। इन गारंटियों में कानून व्यवस्था मजबूत करने, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, सरकारी सिस्टम को जवाबदेह बनाने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शरणार्थियों को अधिकार देने जैसे वादे शामिल हैं। घोषणापत्र जारी करने के बाद अमित शाह पश्चिमी मेदिनीपुर में दो चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे, जहां वे पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे।