लखनऊ शहर में 25 दिसंबर से तेंदुआ आतंक फैला रहा है। लखनऊ की गलियों में बेखौफ घूम रहा तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ से दूर है। बीते चार दिनों से तेंदुआ शहर के रिहाइशी इलाकों में मौजूद है। उसे लखनऊ के अलग अलग इलाकों में देखा गया है। कल्याणपुर, गुडम्बा, जानकीपुरम और पहाड़पुर में लोगों का सामना इस तेंदुए से हुआ।

बता दें कि ये तेंदुआ अब तक 15 लोगों को घायल कर चुका है। घायल लोगों की भयावय तस्वीरें देख कर लोग डर कर अपने घरों में दुबके बैठे हैं। आपको जान कर हैरानी होगी कि चार दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग अब तक इस तेंदुए को पकड़ने में नाकाम है। एक बार वन विभाग को चकमा दे कर भाग भी चुका है ये तेंदुआ। गौरतलब है कि तेंदुए को दो दिन से लखनऊ में देखा नहीं गया है। जी हां, इस तेंदुए को आखरी बार लखनऊ की इंटीग्रल युनिवेर्सिटी की गर्ल्स हॉस्टल के मेस में देखा गया था।
जानकारी के मुताबिक वन विभाग को तेंदुए के आखरी लोकेशन की जानकारी भी नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि, आखिर कैसे पकड़ा जाएगा ये तेंदुआ? आखिर लखनऊ के किस कोने में मौजूद है ये तेंदुआ? जब वन विभाग को जानकारी नहीं है कि तेंदुआ कहा छुपा बैठा है, तो उसे पकड़ने में कामियाबी कैसे मिलेगी ?

आपको बता दें कि दो दिन से ना दिखने के बाद भी लोगों में दहशत का माहौल कायम है। 15 लोगों को घायल कर चुका ये तेंदुआ अभी तक वन विभाग की चपेट में नहीं आ पाया है। ऐसे में साफ़ है कि वन विभाग के द्वारा लापरवाही बर्ती गई है। वन विभाग ने तेंदुए से बचने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिन इलाकों में इस तेंदुए को देखा गया है, केवल उन इलाकों में ही नहीं, बल्कि पुरे लखनऊ में ही लोगों के मन में तेंदुए का डर बैठ गया है। लोग अपने अपने घरों से निकलने में दर रहे हैं और तेंदुए के पकड़े जाने का इंतज़ार कर रहे हैं।