उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सुधार अभियान (SIR) के पहले राउंड में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। SIR से पहले यूपी में कुल 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे, जो अब घटकर 12 करोड़ 55 लाख 55 हजार 984 रह गए हैं। इस प्रकार 2 करोड़ 88 लाख 74 हजार 108 मतदाताओं (18.70%) के नाम बाहर किए गए हैं।
नाम कटने के पीछे मुख्य कारण मृत मतदाता, अनुपस्थित और स्थाई रूप से स्थानांतरित मतदाता हैं। इनमें से 46 लाख 23 हजार 796 मतदाता मृत पाए गए, जो कुल मतदाताओं का 2.99 प्रतिशत है। 79 लाख 52 हजार 190 मतदाता अनुपस्थित और 1 करोड़ 29 लाख 77 हजार 472 स्थाई रूप से स्थानांतरित पाए गए हैं। इसके अलावा, पहले से नामांकित 25 लाख 47 हजार 207 मतदाता भी सूची में शामिल हैं।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो बड़े शहरों में सबसे अधिक वोटर कटने की स्थिति रही। राजधानी लखनऊ में 12 लाख से ज्यादा वोट कटे हैं। प्रयागराज में 11 लाख 56 हजार 339, कानपुर में 9 लाख से ज्यादा, आगरा में 8 लाख 36 हजार 965, गाजियाबाद में 8 लाख 18 हजार 325, बरेली में 7 लाख 14 हजार 768 और मेरठ में 6 लाख 65 हजार 647 मतदाता SIR के पहले राउंड में कट गए हैं। जौनपुर में 5 लाख 89 हजार 546, वाराणसी में 5 लाख 73 हजार 217, गोरखपुर में 6,45,634 और गौतम बुद्ध नगर में 4,47,479 वोटर सूची से हटाए गए हैं।