गाजीपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गाजीपुर में तीन दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। लंका मैदान में 26 से 28 सितंबर तक चले इस शिविर में देश के अलग-अलग प्रतिष्ठित अस्पतालों और संस्थानों से जुड़े करीब 100 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस दौरान 31 हजार से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
शिविर का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने किया था। आयोजकों के मुताबिक, शुरुआती तौर पर करीब 15 हजार मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन तीन दिनों में मरीजों की संख्या इसके मुकाबले दोगुने से भी अधिक पहुंच गई।
31,274 लोगों ने लिया स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
आयोजन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 26 से 28 सितंबर के बीच कुल करीब 31,274 लोगों की जांच और चिकित्सकीय परामर्श किया गया। शिविर के अंतिम दिन ही लगभग 12,096 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। मरीजों को जांच और डॉक्टरों की सलाह के साथ आवश्यक दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में सामान्य स्वास्थ्य जांच के अलावा ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर समेत कई तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध रही। गंभीर बीमारियों से जुड़े मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे के उपचार के लिए रेफर भी किया गया।
AIIMS, अपोलो समेत कई बड़े संस्थानों के डॉक्टर पहुंचे
स्वास्थ्य शिविर की खास बात यह रही कि इसमें देश के कई प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। इनमें AIIMS नई दिल्ली, Jaslok Hospital मुंबई, Apollo Hospitals, वाराणसी के Heritage Institute of Medical Sciences और Oriana Hospital से जुड़े चिकित्सक शामिल रहे। करीब 100 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अलग-अलग चिकित्सा विभागों में मरीजों को परामर्श दिया।
न्यूरोलॉजी से लेकर कार्डियोलॉजी तक विशेषज्ञ सेवाएं
शिविर में कई सुपर-स्पेशियलिटी विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इनमें न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, एंडोक्राइनोलॉजी, डायबिटीज और न्यूरो-स्पाइन जैसी विशेषज्ञ सेवाएं शामिल थीं। इससे गंभीर और लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे परामर्श लेने का अवसर मिला।
410 मरीजों को सर्जरी के लिए किया गया रेफर
शिविर में जांच के दौरान करीब 410 मरीज ऐसे मिले, जिन्हें आगे सर्जरी की जरूरत बताई गई। इन मरीजों को उपचार के अगले चरण के लिए रेफर किया गया है। आयोजकों के अनुसार, यह अभियान केवल जांच और OPD तक सीमित नहीं है। चिन्हित मरीजों के लिए निशुल्क ऑपरेशन की भी व्यवस्था की गई है।
1 अक्टूबर तक चलेगा सर्जरी का चरण
27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक गाजीपुर के महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चिन्हित मरीजों की मुफ्त सर्जरी कराने की व्यवस्था की गई है। इस चरण में करीब 500 मरीजों की निशुल्क सर्जरी कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल में Rotary International का सहयोग भी बताया गया है।
नौकरी छोड़कर गाजीपुर में कर रहे हैं काम
इस स्वास्थ्य शिविर के आयोजन से अभिनव सिन्हा भी जुड़े हैं। BIT Mesra से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सिन्हा ने मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़कर गाजीपुर में लोगों के बीच काम करने का निर्णय लिया। इसी पहल के तहत इस निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कराया गया। आयोजकों का कहना है कि शिविर का उद्देश्य गाजीपुर और आसपास के लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना था। बड़ी संख्या में मरीजों की भागीदारी के चलते तीन दिनों तक चले इस आयोजन में निर्धारित शुरुआती लक्ष्य से कहीं अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचीं।