हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में कृषि और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों की घोषणा की है। बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की योजना सामने रखी।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री को पिछले बजट में किए गए प्रावधानों की स्थिति से अवगत कराया गया।
किसानों और उद्योगों को मिलेगा आधुनिक ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित स्मार्ट जोन में किसानों और उद्योगपतियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं, बेहतर आधारभूत संरचना और विशेष सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धा दोनों में वृद्धि होगी।
औद्योगिक श्रमिकों के लिए आवास पर विशेष फोकस
आईएमटी मानेसर, बावल और कुंडली में औद्योगिक कामगारों के लिए बनाए जा रहे डॉरमेट्री और एकल-कक्ष आवासीय इकाइयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक आवास की वास्तविक जरूरत का आकलन किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर समग्र आवास योजनाएं तैयार की जाएं।
काम के नजदीक किफायती घर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यस्थल के आसपास सस्ते आवास उपलब्ध होने से श्रमिकों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होगी और उद्योगों को स्थायी व कुशल कार्यबल मिलेगा, जिससे उत्पादकता में भी सुधार आएगा।
अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों को मिलेगा वैध दर्जा
अधिकारियों ने बताया कि ‘गुड गवर्नेंस डे’ के अवसर पर शुरू किए गए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए कम से कम 50 फैक्ट्रियों वाली अनधिकृत औद्योगिक कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया को उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। बड़ी संख्या में उद्यमी इस पोर्टल पर पंजीकरण करा रहे हैं।
सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलोनियों के नियमित होने से उद्योगपतियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा और विभागीय प्रक्रियाएं सरल होंगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक प्लॉट्स का प्रबंधन HSIIDC को सौंपा गया
बैठक में बताया गया कि पहले बजट में की गई घोषणा के अनुसार HSVP द्वारा आवंटित औद्योगिक प्लॉट्स से जुड़े लंबित मामलों का समाधान कर लिया गया है। अब इन प्लॉट्स का प्रशासनिक और संचालन नियंत्रण पूरी तरह HSIIDC को सौंप दिया गया है, जिससे उद्योगपतियों को अनुमतियों से जुड़ी परेशानियों से राहत मिली है।
ESIC संस्थानों के लिए सस्ती जमीन
मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि ESIC अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के लिए रियायती दरों पर भूमि आवंटन की योजना लागू कर दी गई है। भविष्य में विभिन्न सरकारी एजेंसियों से ESIC को भूमि 75 प्रतिशत तक रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
टेक्सटाइल उद्योग को निरंतर समर्थन
हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल नीति 2022-25 की अवधि को बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है, जिससे राज्य के वस्त्र उद्योग को आगे भी प्रोत्साहन मिलता रहेगा।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुराने औद्योगिक क्षेत्र, जो अब शहरी रिहायशी इलाकों का हिस्सा बन चुके हैं, वहां सड़क, सीवरेज, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाए।