मेरठ: चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को हत्या का दोषी करार दिया है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मामले में सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर दोनों को दोषी माना। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह सामने आता है कि दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और शव को नीले ड्रम में छिपाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया। इस मामले में करीब 126 तारीखों पर सुनवाई हुई और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू होने के बाद करीब 13 महीने तक अदालत में मामले की सुनवाई और बहस चली।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या की गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में डालकर छिपाया गया। इसके बाद मुस्कान और साहिल के शिमला जाने की बात सामने आई थी। 17 मार्च 2025 को सौरभ का शव उसके घर से नीले ड्रम में बरामद किया गया। इसके दो दिन बाद 19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। नीले ड्रम में शव मिलने की घटना के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में आया था।
13 महीने चली अदालत में सुनवाई
जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में मामले का ट्रायल शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए और मामले से जुड़े साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब मुस्कान और साहिल को हत्या का दोषी करार दिया है। दोनों को क्या सजा दी जाएगी, इस पर अदालत का फैसला अलग से सुनाया जाएगा।
परिवार ने की फांसी की मांग
सौरभ राजपूत के परिवार की ओर से दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की गई है। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से सजा में नरमी की मांग की गई है। बचाव पक्ष ने उनकी बेटी का हवाला देते हुए अदालत से सजा पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है।
‘नीला ड्रम हत्याकांड’ की प्रमुख घटनाएं
- 3 मार्च 2025: अभियोजन के अनुसार सौरभ राजपूत की हत्या की गई।
- 4 मार्च 2025: शव को नीले ड्रम में छिपाए जाने का आरोप।
- 5 मार्च 2025: मुस्कान और साहिल के शिमला जाने की बात सामने आई।
- 17 मार्च 2025: घर से नीले ड्रम में सौरभ का शव बरामद हुआ।
- 19 मार्च 2025: मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
- जुलाई 2025: मामले में ट्रायल शुरू हुआ।
- सितंबर 2026: अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी करार दिया।