रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव कानपुर
कानपुर : महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। राज्य के 29 महानगरपालिकाओं में से अधिकांश में महायुति का दबदबा साफ नजर आ रहा है, जिसमें सबसे बड़ी जीत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में हुई है। करीब 30 साल बाद भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन ने बीएमसी पर कब्जा जमाया है, जहां पहले अविभाजित शिवसेना का लंबे समय से वर्चस्व रहा था।
मतगणना के रुझानों के अनुसार, बीएमसी की 227 सीटों में महायुति गठबंधन (भाजपा + शिवसेना शिंदे) ने 125 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाई है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और अन्य विपक्षी गठबंधन काफी पीछे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को “इतिहास रचने वाली” बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और हिंदुत्व की नीतियों को जनता का जनादेश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत विकास और विश्वास की राजनीति की जीत है।
नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भी भाजपा-महायुति ने मजबूत प्रदर्शन किया है। पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, नागपुर, ठाणे समेत कई प्रमुख नगर निगमों में गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बनाई है। यह प्रदर्शन राज्य की स्थानीय राजनीति में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
बीएमसी की इस जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह चरम पर है। देशभर में जश्न का माहौल है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के कानपुर में बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल और कानपुर महानगर उत्तर जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए कहा कि यह जीत स्थानीय स्तर पर जनता के भाजपा की नीतियों और संगठन पर भरोसे का प्रमाण है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि नगर निकाय चुनावों में मिली यह बड़ी सफलता और बीएमसी में 30 साल बाद वापसी साबित करती है कि जनता विकास, सुशासन और हिंदुत्व के एजेंडे के साथ मजबूती से खड़ी है। महायुति अब 25 से अधिक नगर निगमों में सरकार बनाने की स्थिति में है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। यह जीत 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद महायुति के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है, जो आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की स्थिति को और मजबूत करेगी।