रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक विशेष अदालत ने आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई (Sameer Vishnoi) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिमांड खत्म होने के बाद विश्नोई के अलावा अन्य दो आरोपियों सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को गुरुवार को विशेष अदालत में पेश किया। ईडी अब सभी आरोपियों को 10 नवंबर को कोर्ट में पेश करेगी।
यह है मामला
इससे पहले 13 अक्टूबर को अदालत ने समीर विश्नोई को उनके आवास से 47 लाख रुपये की वसूली से जुड़े मामले में 21 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था। ईडी ने इंद्रमणि समूह के सुनील अग्रवाल और फरार चल रहे सूर्यकांत तिवारी के चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी को भी आठ दिन की हिरासत में भेजा था। आईएएस अधिकारी विश्नोई को 13 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था।
इस महीने की शुरुआत में ईडी ने छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। ईडी ने रायगढ़ कलेक्टर समेत कई अधिकारियों के परिसरों पर छापेमारी की। रायगढ़, रायपुर, दुर्ग और महासमुंद में छापेमारी की गई।
भारत के सहायक सॉलिसिटर जनरल रमनकांत मिश्रा ने कहा था, ‘आईएएस समीर विश्नोई के घर से लगभग 47 लाख रुपये नकद और लक्ष्मीकांत तिवारी के घर में 1.5 करोड़ रुपये छुपाए गए हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि विश्नोई के स्थान से सोना और हीरे बरामद किए गए हैं। छापेमारी के दौरान ईडी को चार करोड़ रुपए नकद, बेहिसाब आभूषण और सोना बरामद हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि सरकारी अधिकारी अवैध लेवी लगाकर और कोयला आपूर्तिकर्ताओं से 25 रुपये प्रति टन वसूल कर कथित जबरन वसूली रैकेट चला रहे थे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के कार्यालयों और आवासों से आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
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