वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी व्यासजी तहखाना में पूजा शुरू कराए जाने का मुद्दा गरमा गया है। 31 जनवरी को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने व्यासजी तहखाने में नियमित पूजा का अधिकार हिंदू पक्ष को दे दिया।
व्यासजी तहखाने के रिसीवर सह डीएम वाराणसी को आदेश दिया कि सात दिनों के भीतर मंदिर में नियमित पूजा और राग- भोग का इंतजाम करें। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने देर रात मंदिर को खुलवा दिया। कोर्ट के आदेश के बाद मंदिर को खुलवाए जाने के विरोध में मुस्लिम समाज का गुस्सा फूट पड़ा है।
ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन कमिटी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद इस मामले को सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक उठा रही है। वहीं, मुस्लिम समाज ने इस मामले में बंद का आह्वान किया है। शुक्रवार को वाराणसी बंद बुलाया गया है। इसको देखते हुए शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मुस्लिम इलाकों में बंद रहेंगी दुकानें
मुस्लिम समाज की ओर से बुलाए गए बंद को कोर्ट और प्रशासन के फैसले के विरोध में माना जा रहा है। मुस्लिम पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि मुसलमान बहुल इलाकों में दुकानें बंद रहेंगी। इसके लिए किसी प्रकार की जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की ओर से आम लोगों से संयम बरतते हुए जुमे के नमाज की अपील की गई है।
दिल्ली में मुस्लिम नेताओं की बैठक
ज्ञानवापी के व्यासजी तहखाने में पूजा का अधिकार दिए जाने के विरोध में मुस्लिम नेताओं का भी विरोध सामने आया है। दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के बाद मुस्लिम नेता प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। जमीयत उलेमा ए हिंद के कार्यालय में यह बैठक होगी। दोपहर बाद दो बजे इस मामले में मुस्लिम पक्ष अपनी रणनीति की घोषणा कर सकती है।
स्वामी जितेंद्रानंद ने किए दर्शन
अखिल भारतीय संत समिति के स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने ज्ञानवापी स्थित व्यासजी तहखाने में स्थित मंदिर में पहुंचकर विग्रहों के दर्शन किए। वहां पूजा- अर्चना की। इसके बाद उन्होंने कहा कि आखिरकार हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान हुआ है। स्वामी जितेंद्रानंद ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि जब तक ज्ञानवापी में मंदिर नहीं बन जाता है, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।