उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह बेवजह राजनीतिक आरोप लगा रही है।
‘भाजपा सरकार में दोषियों पर तुरंत कार्रवाई’
गांधी पार्क में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भाजपा सरकार की नीति स्पष्ट है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि UTU पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी किसी भी शिकायत पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
‘कांग्रेस शासन में नकल होती थी, कार्रवाई नहीं’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पटवारी भर्ती, दारोगा भर्ती, टेक्निकल बोर्ड और UKSSSC सहित कई भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनियमितताओं के मामले सामने आए थे, लेकिन उस समय दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजा।
‘देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू’
सीएम धामी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लेकर आई है। उनके मुताबिक, इस कानून के लागू होने के बाद 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे जा चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के कार्यकाल में अब तक 34 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां बिना किसी नकल और बिना किसी पर्ची-खर्ची के पूरी की गई हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर हो रही आपत्तिजनक टिप्पणियों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सभी को अपनी भाषा और व्यवहार में संयम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत संस्कार और संस्कृति का देश है, इसलिए हर व्यक्ति को शालीनता, विनम्रता और मर्यादा के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।