चंडीगढ़| माता लल्लेश्वरी की 705वीं जयंती और श्री राधाष्टमी के अवसर पर शनिवार को सेक्टर-58 स्थित बनी मंदिर गोशाला में विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कश्मीरी समाज से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता लल्लेश्वरी की शिक्षाओं और उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए उनकी स्मृति में भवन का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से नियमानुसार आवेदन मिलने पर भवन के लिए भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बहादुरगढ़ के कश्मीरी पंडितों को 5.15 करोड़ की राहत
कार्यक्रम के दौरान सीएम सैनी ने बहादुरगढ़ के सेक्टर-2 में कश्मीरी पंडितों को आवंटित प्लॉटों से जुड़ी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ईडीसी और ईईडीसी के ब्याज के रूप में जमा कुल 5.15 करोड़ रुपये की राशि वापस की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बनी मंदिर गोशाला तक पहुंचने वाली अप्रोच रोड की री-कार्पेटिंग कराने की भी घोषणा की।
माता लल्लेश्वरी की शिक्षाओं को बताया समाज की धरोहर
मुख्यमंत्री ने माता लल्लेश्वरी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं आत्मज्ञान, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज की अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से सरकार की संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के जरिए महापुरुषों के विचारों को आम लोगों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
‘हरियाणा का अभिन्न हिस्सा है कश्मीरी समाज’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कश्मीरी समाज हरियाणा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कश्मीरी समाज की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में करीब दो लाख कश्मीरी पंडित रह रहे हैं। उनके बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी दिया गया है।
अनुच्छेद 370 हटाने से धार्मिक स्थलों के विकास तक का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछले 12 वर्षों के दौरान देश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए हटाए जाने, चिनाब रेल पुल के निर्माण और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास को रेखांकित किया। सीएम सैनी ने केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर और कुरुक्षेत्र समेत कई धार्मिक स्थलों के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास देश की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।