अमृतसर। पंजाब पुलिस को ASI हरजीत सिंह हत्याकांड में बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले के प्रमुख संदिग्ध दीपक सिंह को शनिवार रात अमृतसर के इस्लामाबाद इलाके में हुई मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया सामान भी बरामद किया है। एक अन्य संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के बाद दीपक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से एक .30 बोर की पिस्टल, दो मैगजीन, आठ जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और एक्टिवा स्कूटर बरामद किया गया है।
नाके पर रोकने पर पुलिस टीम पर फायरिंग का दावा
अमृतसर पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9:45 बजे एक नाके पर पुलिस टीम ने स्कूटर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और वहां से भाग निकले। पुलिस ने उनका पीछा किया। दूसरे नाके पर भी संदिग्धों की ओर से फायरिंग किए जाने की बात पुलिस ने कही है। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दीपक घायल हो गया। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। दूसरा संदिग्ध मौके से भागने में सफल रहा।
CCTV और तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमों को लगाया था। जांच के दौरान CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर-डंप विश्लेषण और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी को खंगाला गया। पुलिस का कहना है कि इन्हीं सुरागों के आधार पर अमृतसर के मुलेचक निवासी दीपक सिंह की पहचान संदिग्ध के तौर पर हुई और उसकी तलाश शुरू की गई थी।
ड्यूटी के दौरान हुई थी ASI हरजीत सिंह की हत्या
ASI हरजीत सिंह की 18 सितंबर को अमृतसर के भगतांवाला अनाज मंडी इलाके में ड्यूटी के दौरान हत्या कर दी गई थी। वह गेट हकीमा थाने से जुड़े पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात थे। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद हमलावर स्कूटर से फरार हुए थे और CCTV में उनकी गतिविधियां कैद हुई थीं। घटना के बाद पंजाब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की थी। DGP गौरव यादव ने भी घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों से जांच की प्रगति की जानकारी ली थी।
शहजाद भट्टी नेटवर्क से कनेक्शन की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में इस हत्याकांड के तार पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दीपक सिंह इस नेटवर्क के संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि पाकिस्तान में मौजूद एक व्यक्ति ने आरोपियों को पैसे और नशे के कारोबार का लालच देकर अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की। इसके बाद उनसे वफादारी साबित करने के लिए एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाने का काम कराया गया। इस पूरे नेटवर्क और हत्या के पीछे की साजिश की जांच अभी जारी है। शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर केंद्र सरकार ने भी हाल में कार्रवाई की है।
दूसरे आरोपी की तलाश जारी
मुठभेड़ में दीपक सिंह के मारे जाने के बाद पुलिस अब दूसरे संदिग्ध की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ASI की हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और आरोपियों का पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से किस स्तर पर संपर्क था। ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद पंजाब सरकार ने उनके परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। इसके अलावा HDFC बैंक की ओर से 1 करोड़ रुपये का बीमा भुगतान भी परिवार को दिए जाने की बात कही गई थी। इस तरह परिवार के लिए कुल 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है।